Thursday, May 14, 2026

ऐ गम-ए-ज़िंदगी कुछ तो दे मशवरा ... Zafar Gorakhpuri(poet)/ Pankaj Udhas (singer)


ऐ गम-ए-ज़िंदगी कुछ तो दे मशवराएक तरफ उसका घर, एक तरफ मयकदा
मैं कहाँ जाऊँ होता नहीं फ़ैसलाएक तरफ उसका घर, एक तरफ मयकदा
ज़िंदगी एक है और तलबगार दोजां अकेली मगर जां के हक़दार दोदिल बता पहले किसका करूँ हक अदाएक तरफ उसका घर, एक तरफ मयकदा

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